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साहित्य

  • उत्तर प्रदेश : कानून का भय और अनुशासन के राज की क्रमश: हो रही है वापसी

    योगी आदित्यनाथ जी ने उत्तर प्रदेश में अधुना दहशत और भय का माहौल सर्जाया है। ठिठुर रहे है कई लोग। मगर इसमें एक बड़ा अंतर है। मुख्यमंत्री की कर्मण्यता के कारण सिहरन उन लोगों में नहीं हो रही है जो सम्यक आचार करते हैं, नियम का पालन करते है। अहंकार भरे मनमानेपन से बाज आते हैं। छड़ी वहीं तक घुमाते है जहां ...

  • "बाला सेक्टर" अगर आप एजेन्डा पढ़ने में यकीन‌ नही रखते हैं, तब यह उपन्यास आपके लिए है

    अगर आप एजेन्डा पढ़ने में यकीन‌ नही रखते हैं, तब यह खबर आपके लिए है। भारत में वामपंथी कलम का अनर्गल प्रलाप स्वतंत्रता के बाद से ही शुरु हो गया था लेकिन 1975 के बाद से यह बजबजा गया। वामपंथ भारत में कांग्रेस कि बौद्धिक बैसाखी बन गया और उसके बाद जो साहित्य के नाम पर षड्यंत्र और कुचर्क का घिनौना खेल...

  • जन-आंदोलन के नाम पर बढ़ती अराजकता : लोकतान्त्रिक समाज के लिए खतरा ?

    जन-आंदोलनों के नाम पर निरंतर बढ़ती हिंसक एवं अराजक प्रवृत्तियाँ लोकतंत्र के लिए घातक हैं, क्योंकि जैसे ही किसी भी प्रकार की मांगों को लेकर किए जा रहे आंदोलन के नाम पर आप अराजकता फैलते हैं समाज के उन अनगिनत लोगों के संविधान प्रदत्त अधिकारों को अपने पैरो तले कुचलने लगते हैं जो इन आंदोलनों में आपके...

  • क्या सीमांचल में AIMIM की जीत विभाजन की मानसिकता की आहट है !!!

    मज़हबी कट्टरता या पृथक पहचान की राजनीति देश के लिए अच्छी नहीं।एआईएमआईएम के जीतकर आए विधायकों ने शुरुआत में ही अपने रंग दिखाने प्रारंभ कर दिए हैं। उन्हें वंदे मातरम बोलने और गाने से तो परहेज़ था ही, अब विधानसभा के शपथ-ग्रहण-समारोह में हिंदुस्तान बोलने से भी है। उधर राजनीतिक पंडितों द्वारा बिहार चुनाव ...

  • फीटल काफ़ सीरम : अपने जीवन के लिए इंसान की क्रूरता

    जो दानव गाय को माता नही, भोजन मानते हैं वो आज यह भी जान लें और स्वयम चिंतन करें कि माँ की और कितनी परीक्षा लेनी है !! फीटल काफ़ सीरम : वैज्ञानिक लोग इसको शार्ट में FCS बोलते हैं। विज्ञान का कोई भी एक्सपेरिमेंट करना हो, कोई भी दवाई बनानी हो, लाइफ साइंस में कोई भी PhD करनी हो, सेल कल्चर लैब में जाकर...

  • पाताल लोक: हिन्दू धर्म के प्रति अतृप्त कुंठा की कहानी

    अमेज़ोन प्राइम पर हाल ही में रिलीज़ हुई पाताल लोक नामक वेब सीरीज़ को अभी बाज़ार में आए मात्र चंद दिन ही हुए थे और देखते ही देखते अनुष्का शर्मा द्वारा निर्मित ये सी रीज़ खबरों में खूब छा गई और ऐसा तो होना ही था, आखिर विवादित चीज़े जल्दी ही सुर्खियां जो बटोरती है। आपको बता दें कि सुदीप शर्मा द्वारा लिखित...

  • "काफिर" कौन है ?

    ये ऐसा प्रश्न है जो गैर-मुस्लिमों के लिए लगभग 1400 वर्षों से अनुतरित है।काफ़िर के अर्थ पर मौलाना लोग और अक्सर मुस्लिम विद्वान सफ़ेद झूठ बोलते हुए पहले तो इस बात से साफ़ इंकार कर देते हैं कि काफिर से मुराद हिन्दू, ईसाई या यहूदी है; फिर दूसरा झूठ ये बोलते हैं कि काफ़िर 'नास्तिक' को कहतें हैं। ये लोग सफ़ेद...

  • "हरी सिंह नलवा" एक बाहुबली का स्मरण

    1699 में जब पिता दशमेश ने 'खालसा' सजाई थी तो उसके साथ विजय हुंकार करते हुए कहा था 'राज करेगा खालसा, आक़ी बचे न कोई'। पिता दशमेश के इस 'जयघोष' के संकल्प को मूर्त रूप देने को प्रस्तुत हुए 'बाबा बंदा सिंह बहादुर' और 'हरिसिंह नलवा'। एक ने उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से जो 'देबबंद' से शुरू होकर 'कश्मीर' तक ...

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