डॉ॰ मधुसूदन उपाध्याय

डॉ॰ मधुसूदन उपाध्याय

Former HOD biotechnology at GCRG Group of Institutions


  • भारत का आखिरी विभाजन और रक्तचरित्रों की रक्तरेखा! रक्तरंजित विभाजन के कौन थे पेरोकार ?

    भारत पाकिस्तान की भौगोलिक सीमारेखा है रेडक्लिफ! यह रेखा दरअसल इस्लामिक दंभ की सुवर्णरेखा है। यह रेखा वह जीवनदायिनी शक्ति है जिसके बल पर जुल्फिकार और हाफिज सईद जैसे लोग हिन्दुस्तान से हजार वर्ष तक चलने वाले जंग का ऐलान कर सकते हैं। यह रेखा परछाईं है शरणार्थी हिन्दुस्तानी औरतों की देह को बलत्कृत करते...

  • आजादी के पुरोधा "आजाद"

    भारत की राजनीति के एक प्रमुख रहस्य की कुंजी इस बात को समझने में है कि पंडित चंद्रशेखर आजाद के बलिदान के कई वर्षों बाद भी, स्वतंत्रता के बाद भी अल्फ्रेड पार्क का नाम 'अल्फ्रेड पार्क' ही रहता है। इस रहस्य की एक और कुंजी यह कि जिस 'क्विक सिल्वर' बलराज (यह दोनों पं॰ आजाद के ही उपनाम...

  • महाशिवरात्रि - अंतिम पार्ट

    गतांक से आगे...... शिव को देखिए परस्पर विरोधी तत्वों का महानतम समुच्चय। प्रेम के लिए पार्वती को कठिन धैर्य वाली प्रतीक्षा कराते हैं फिर प्रेम में उनकी वेणियां गूंथते हैं तो कभी भील-कन्या (पार्वती की लीलारूप) के लिए सती को पीहर भेजने को राजी हो जाते हैं। कभी नंदी को पार्वती की चूड़ियों के लिए...

  • महाशिवरात्रि -2

    गतांक से आगे मूर्ति-पूजक भारतीय संस्कृति पर अनवरत अंतर्बाह्य आक्रमण चल रहे हैं। 6 फरवरी को मीनाक्षी मंदिर और केरल के कुछ और मंदिरों पर हमला हुआ। सोमनाथ पर आक्रमण लूट के लिए कम आस्था पर आक्रमण अधिक था। आज भी लोग मजाक बनाते हैं कि जब सोमनाथ पर आक्रमण हुआ ब्राह्मण शिवलिंग के भरोसे...

  • महाशिवरात्रि -1

    पिछले वर्ष शिवरात्रि की पूर्वसंध्या आईआईटी बाम्बे-मोनाश फेलो मित्र ने फोन किया तो उनका पहला प्रश्न था कि उपाध्यायजी कल आप भी लिंग (phallus) पूजा तो नहीं करेंगे। शिव से संबंधित मेरी कुछ पोस्ट्स से उनको यकीन हो चुका था कि मैं साइंटिस्ट नहीं हो सकता। भरसक समझाया मित्र को, नहीं माने।...

  • नारी तू कमजोर नहीं, बाज़ार तेरा मुकद्दर नहीं

    सुनो, 🚺 जब तुम यह समझने लगो कि अमृता, साहिर इमरोज के बीच और जो भी है प्रेम नहीं है 🚺 जब तुम और तुम्हारा प्रेम वैलेंटाईन जैसे चोंचलों से दूर हों 🚺 जब तुम्हें यह लगने लगे कि तुम एक आत्मा हो जिसके पास एक देह है 🚺 जब तुम्हें आई लाइनर, मस्कारा, फेस लाइटेनिंग, ब्लशर, फेस...

  • सत्योर्मा असदगमय, ज्योतिर्मा तमसोगमय ॥ हमें सत्य से असत्य व प्रकाश से अंधकार की तरफ ले चलो ?

    पिछले दिनों एक प्रयोग के लिए आर्चरफिश जाति की मछलियों को सिखाया गया कि वे कीडे़ - मकोडोँ पर निशाना साधने की बजाय कम्प्यूटर पर दिखाये जा रहे इंसान की तस्वीर पर थूकें। इसके लिए उन्हें दो तरह की तस्वीरें दिखाई गईं। आक्सफोर्ड युनिवर्सिटी के शोधार्थी यह देख कर चकित रह गए कि मछलियों ने...

  • नालंदा के नए बख्तियार खिलजी

    साल 1927, अम्बेडकर साहब ने कुछ लोगों के साथ मिलकर मनुस्मृति जलाई। अस्सी साल बाद 'उदित राज' भाजपा सांसद (पूर्वी दिल्ली) को भी जरूरत पड़ रही है पुस्तकें जलाने की। यूनानी नाटककार एशीलस ने सच ही कहा था कि 'युद्ध का सबसे पहला शिकार सत्य ही बनता है।' यह बात अंध-दुराग्रह वाले वैचारिक...

  • क्या dance और नृत्य एक ही बातें हैं?

    आदरणीय शिव कुमार जी ने फिल्मों में बढ़ती अश्लीलता को लेकर कल उचित चिन्ता व्यक्त की है। एक और विधा की तरफ ध्यान देने की आवश्यकता है। टीवी पर तो विशेषकर रियलिटी डांस शोज की भरमार आ गई है। नंगा नाचने वाले ये लोग खुद को कलाकार कहते हैं और अपने देहसटाओ प्रतियोगिता को नृत्य। क्या dance...

  • किसान का विकास ?

    किसान जो भी,जो भी करता है, हां वही,वही है 'सस्टेनेबल डेवलपमेंट'।और तुम्हारी प्रदूषक खून की प्यासीसरकारी नीतियां ही हैं,'असली पाल्यूटैंट'।डेमोक्रेसी है किसान के लिए दीमाकृषिआपने कभी दवंरी देखी है?दवंरी, इसका अर्थ यह नहीं कि ,सार सार रख के थोथा छोड़ देना,क्योंकि कृषक के लिएअसार तो कुछ भी...

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