मृदुल पांडेय

मृदुल पांडेय

चोर हूँ ... !!!, आप की जिंदगी के एहसासों को चुराता हूँ और शब्दों में ढाल कहानी बना देता हूँ


  • एक यात्रा CAWNPOOR से KANPUR तक

    कानपुर ! एक ऐतिहासिक शहर। इसे कब और किसने स्थापित किया, इस बारे में आज तक एक मत नहीं बन पाया। सबसे मजेदार बात कानपुर की वर्तनी को ले कर है। वैसे तो कानपुर के अलावा और भी शहर हैं जिन्हें फिरंगियों ने अपनी सुविधा और समझ के अनुसार नाम दिया जैसे ' दिल्ली' का 'देलही' हो गया 'कलकत्ता– कैलकटा' हो गया। पर...

  • आँखों देखी :... "मैं भी अन्ना" से एक और "सत्याग्रह" तक

    रामलीला मैदान के छतरी वाले मंच पर सफ़ेद धोती-कुर्ते और मराठी स्टाइल की सफ़ेद टोपी पहने अकेले बैठे अन्ना हज़ारे बीच-बीच में जेब से सफ़ेद रंग का रूमाल निकाल कर अपनी आँखें मलने लगते हैं। फिर वो रूमाल को मोड़ कर कुर्ते की जेब में रख लेते हैं और सिंथेसाइज़र की धुन और ढोलक की थाप पर देशभक्ति के ...

Share it