"ईश्वर अल्लाह तेरो नाम" ये इकतरफा गुस्ताखी कब तक ?

ईश्वर अल्लाह तेरो नाम ये इकतरफा गुस्ताखी कब तक ?

मेवाड़ की राजधानी उदयपुर, उदयपुर का मुख्य मंदिर, महाराणा जगतसिंह जी द्वारा निर्मित जगदीश मंदिर है। मंदिर मे क्रमवार पूजा करता पारंपरिक पुजारी परिवार के एक सदस्य श्री घनश्याम जी पुजारी मंदिर के पास ही लाल घाट में रहते हैं, लगभग 10 वर्ष पूर्व उन्होंने पास ही मे बिकाऊ एक मकान खरीद लिया
पास ही मे टूरिस्ट हब होने की वजह से आस पास रहने वाले कुछ मुस्लिम परिवार की आंखों में खटक गए, वे चाहते थे कि बेचने वाले के ग्राहकों को इतना परेशान किया जाए कि कोई मकान खरीदने नही आये और उन्हें या उनके जैसे ही मोमिन भइयों को वह कम दाम में मिल जाये
अब पुजारी जी ने वह मकान खरीद लिया तो एक मुस्लिम परिवार जिसकी नीयत थी शुरू से उस मकान को हड़पने की वह 'भूमि जिहाद' की शुरुआत कर देता है, कभी अंडे के छिलके फेंकना कभी हड्डियां कभी मांस के लोथड़े।
पुजारी परिवार चुपचाप सहन करता रहा, अब मियां भाई बेवजह ताने मारना गाली गलौज पर उतर आए। पुजारी अवॉइड करते रहे।
आज 25 तारीख के दिन जब उनकी बहू (हेमेंद्र जी पुजारी उर्फ चाणक्य की पत्नी) मंदिर से सेवापूजा करके लौट रही थी कि उस मुस्लिम परिवार की एक चाची उनसे सीधी आ भिड़ी और गाली गलौज करने लगी। वे जाने लगी तो उसने उन्हें धकिया दिया, उनका भी सब्र टूटा और उन्होंने भी उस चाची को धक्का दे दिया।
भाभीजी साजिश से अंजान थी, धक्का लगते ही पहले से तैयार 3-4 चाचियां आ धमकी और एकाध बूढ़े भी सभी मिलकर पुजारी भाभीजी से उलझ पड़े और मारपीट करने लगे जिहादी तरीके से। हो हल्ला सुनकर निहत्थे ही हेमेंद्र जी दौड़कर आये और उस भीड़ से भिड़ गए अपनी पत्नी को बचाने, एक बूढ़े को उन्होंने धकियाया ही था कि जिहाद चरण तीन शुरू हुआ और सरदार खान के उस परिवार के चारो बलिष्ट लड़के आ धमके लाठी सरिये लेकर।
अब पुजारी जी का संघर्ष निहत्था एकतरफा रह गया, वे मारपीट के गंभीर शिकार हुए, माथा फट गया, हाथ टूट गया।
"हमसे पंगा लेने का अंजाम" भी समझ आ गया।
CCtv मे सबकुछ रिकॉर्ड हो गया। आस-पास हिन्दू भाइयों ने चुपचाप देखकर महात्मा ग़ांधी को स्मरण कर "ईश्वर अल्लाह तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान का जाप किया, फिर अपनी अपनी दुकानें संभालने लग गए।"

CCtv फुटेज लेकर कुछ मित्रगणों के साथ हेमेंद्र जी ने घंटाघर पुलिस में FIR दर्ज करवाई, पुलिस ने CCtv फुटेज देखा तो सीआई साहब ने कहा कि हद हो गयी ये तो अब इनकी ख़ैर नही।

पुलिस वाले सरदार खान और उसकी बीबी को पकड़ लाये, पहले फुटेज दिखाया, फिर हड़काया तो उन्होंने घर से कुछ मंगवाया और साहिब को थमाया।

साहिब ने कचोरी समोसे मंगवाए, मिलकर अमन के गीत गाये, शाम को अपने साथ बुढ़ऊ को हॉस्पिटल ले जाकर bp चेक करवाया, फिर आपसी रंजिश का केस लिख लिया, बताया गया कि पुजारी जी ने इनके भी लट्ठ जमाया था एक, अल्पसंख्यक अत्याचार भी हुआ है, भारत पहले ही असहिष्णु चल रहा है।

अब हाकिम साहब मौन है, प्रसाशन मौन है, गृहमंत्री जी की अल्पसंख्यकों से स्वयं बहुत अधिक फटती है फिर उदयपुर विधानसभा चुनाव मे जिताने मे सहायता बोनस है।
कटारिया जी का प्रसिद्ध डायलॉग है
"हम् क्या कर सकते है, कानून अपना काम करेगा, प्रसाशन अपना काम करेगा।"
कुछ भाइयो ने मिलकर आज जगदीश चौक के आस पास का बाजार बंद करवाकर ज्ञापन सौंपने का संवैधानिक कृत्य पूर्ण किया है बाकी होने जाने वाला कुछ है नही यह तय है।
हाँ! तो यह हाल है मेवाड़ के उदयपुर का आज के दिन।
हमारी हिंदुआ आकाशगंगा माई वसुंधरा राजे शीघ्र ही सरदार खान जी के लिए फल/फूल/नैवेद्य/ दक्षिणा लेकर आती ही होंगी! जय सनातन, जय मेवाड़!
हिन्दुओ! तुमने 200 में से 167 सीट ही दी थी, जो 33 सीट नही दी उसके फल भुगतो!
अब मेरे वो प्यारे-प्यारे मित्र सामने आ जाये जिन्हें सबूत चाहिए???
CCtv फुटेज है साथ में ही देख कर तसल्ली कर लेवे, और चैन से सोएँ आज की रात, क्योंकि उनके आस-पास फिलहाल कोई सरदार खान नही है।

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