बुंदेलखंड को पाइप पेयजल एवं डिफेंस कॉरिडोर सहित मिली 20 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात

प्रधान मंत्री मोदी जी ने बुंदेलखंड को डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग कॉरिडोर और पाइप पेयजल समेत 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं की सौगात देने के साथ ही पुलवामा में सीआरपीएफ़ जवानों पर हुये अटैक को लेकर पाकिस्तान को कड़े शब्दों में परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुये आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ़ के 40 जवानों के बलिदान से दु:खी और गुस्साएं लोग जनसभा में पाकिस्तान विरोधी नारे लगा रहे थे और पाकिस्तान से बदला लेने की बातें कर रहे थे मोदी जी ने अपने शब्दों से जनता की भावनाओं को और गति दी।

पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र ने सुरक्षाबलों को आगे की कार्रवाई तय करने के लिए समय क्या हो, स्थान क्या हो और स्वरूप क्या हो, जैसे सभी फैसले लेने की ज़िम्मेदारी दे दी है। मोदी जी ने बिना पाकिस्तान का नाम लिए कहा कि पड़ोसी देश अपने बदहाली के इस दौर में भारत पर इस तरह के हमले करके पुलवामा जैसी तबाही मचाकर, हमें भी बदहाल करना चाहता है। लेकिन उसके इस मंसूबे का, देश के 130 करोड़ लोग, मिलकर जवाब देंगे, मुंहतोड़ जवाब देंगे।

मोदी जी यहाँ झांसी के भोजला कृषि मंडी के गरौठा मैदान में डिफेंस कॉरीडोर के शिलान्यास और लोकार्पण के बाद रैली को संबोधित कर रहे थे। बुंदेलखंड पाइप पेयजल योजना के द्वारा झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, जालौन, चित्रकूट, महोबा, और बांदा जिले की लगभग 50 लाख आबादी की प्यास बुझेगी और ये उनके लिए 'लाइफ लाइन' बनेगी। प्रधानमंत्री ने अपने इस दौरे में बुंदेलखंड के सातों जिलों को कुछ न कुछ ऐसा दिया है जिससे बुंदेलखंड के हजारों युवाओं को रोजगार तो मिलेगा ही साथ ही क्षेत्र के विकास का पहिया भी तेजी से घूमेगा।

बुंदेलखंड की इस पाइप पेयजल योजना पर लगभग 9021.89 करोड़ रुपये व्यय होंगे। इस योजना के द्वारा यमुना सहित मंदाकिनी, केन, धसान, बेतवा और जामनी नदियों के पानी को क्षेत्र के सभी गांवों में पाइप लाइन के माध्यम से घर तक पहुंचाया जाएगा। इसका फायदा बुंदेलखंड के सातों जिलों के 2429 गांवों के 44 लाख आबादी को मिलेगा।

झांसी महानगर पेयजल पुनर्गठन योजना फेज-2 का भी शुभारंभ किया गया। इस योजना पर 600.43 करोड़ के खर्च का अनुमान है। झांसी महानगर के लिए बनी इस अमृत योजना के अंतर्गत वहाँ के साठ वार्डों की पेयजल व्यवस्था को 29 जोन में विभाजित किया गया है। इसके अंतर्गत माताटीला बांध से कच्चे पानी को बबीना में शुद्ध कर झाँसी की लगभग छह लाख आबादी को शुद्ध पेयजल मिलेगा।

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