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मोदी जी ने देश को समर्पित किया ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, इससे दिल्ली को भी जाम एवं प्रदूषण से मिलेगा छुटकारा

भारत की जनता भी अब विकसित देशों की भांति सुविधाजनक यात्रा का आनंद ले सकेगी, जी हाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज देश के सबसे तेज माने जाने वाले ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया गया। जिस पर देश की जनता को आनंद मिलेगा।

आज प्रधानमंत्री मोदी ने "ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे" का उध्घाटन कर एक नया "हाई-टेक रोड" राष्ट्र को समर्पित किया। इसी मौके पर पीएम मोदी ने बागपत मे रैली कर अपने चार साल का रिपोर्ट कार्ड भी देश की जनता के सामने रखा।

मोदी की रैली में पहुंची भीड़ से एक बात साफ हो गयी कि इतने विरोध के बाद भी प्रधान मंत्री मोदी का जादू बरकरार है, बागपत में पीएम ने कहा कि इस भीषण गर्मी में भी जिस बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं, उससे साफ है कि सरकार सही दिशा में बढ़ रही है।

साथ ही इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। मोदी ने कहा कि पीढ़ी दर पीढ़ी परिवार में सत्ता देखने वाले लोग अब गरीबों के लिए किए जा रहे काम का मजाक उड़ा रहे हैं।

मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार के काम को देखकर कुछ लोग बौखलाए हुए हैं। मोदी ने कांग्रेस को चारों तरफ से घेरते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश की सर्वोच्च अदालत पर भी सवाल खड़े किए। अब उन्हें देश का मीडिया भी पक्षपाती नजर आ रहा है यहाँ तक की वो सर्जिकल स्ट्राइक करने वाली सेना के साहस को भी नकारते हैं। देश की तारीफ करने वाली इंटरनैशनल संस्थाओं का भी मजाक बनाते हैं। कांग्रेस की परेशानी का कारण सब जानते हैं। मोदी के विरोध में वे लोग देश का भी विरोध करने लगे। जिसके पास सवा सौ करोढ़ लोगों का विश्वास हो, वह किसी के आरोप से डिगने वाला नहीं है।

मोदी ने कहा कि जनता तय करे कि इस तरफ कौन है और उस तरफ कौन है। मोदी ने कहा, 'कांग्रेस के लिए उनका परिवार ही उनका देश है जबकि मोदी के लिए देश ही उसका परिवार है।' मोदी ने कहा, 'कुछ लोग अपनी जमीन खिसकती देख झूठ बोलने से भी परहेज नहीं करते हैं। उन्होंने आरक्षण को लेकर झूठ बोला और अब आजकल एक नया झूठ किसानों को लेकर बोला जा रहा है।' मोदी ने कहा कि कांग्रेस झूठ फैला रही है कि जो किसान अपनी जमीन बंटाई या ठेके पर देगा उसे 18 प्रतिशत जीएसटी चुकाना होगा। मोदी ने कहा, 'ऐसे झूठ फैलाने वालों को शर्म आनी चाहिए। देश के किसान को गुमराह करने का काम किया जा रहा है।' मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ग्रामोदय से भारत उदय की तरफ बढ़ रही है। ग्राम उदय के केंद्र में देश का किसान है।

मोदी की बातों में कोई दोराय नहीं हैं, आलोचक बेशक आज भी मोदी एवं उनके भाषण की आलोचना करेंगे। परंतु आज केवल मोदी के शब्द ही नहीं बल्कि इस एक्सप्रेसवे के रूप में खड़ा उनका कार्य एवं लगन बोल रही है। यह एक्सप्रेसवे मोदी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है, इस एक्सप्रेस-वे के सबसे बड़ी खासियत है कि यह देश का पहला हाईटेक एक्सप्रेस-वे है, जो प्रदूषण से घुटती दिल्ली के लिए एक तरह से संजीवनी साबित होगा। दूसरी तरफ इसे सबसे तेज़ एक्सप्रेस-वे इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इस पर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चलाने की अनुमति होगी एवं दिल्ली को जाम से मुक्ति दिलाने में इस प्रोजेक्ट की एहम भूमिका होगी।

इस एक्सप्रेस-वे को बनाने में लंदन से प्रेरित टेक्नोलॉजी का भरपूर उपयोग किया गया है। STM, VMS, CCTV कैमरा, लर्निंग अलार्म जैसी टेक्नोलॉजी यहां पर लगाई गई है। इसके साथ ही 6 बड़े ब्रिज, चार छोटे ब्रिज, रेलवे ओवरब्रिज, 55 अंडरपास और 7 इंटरचेंज बनाए गए हैं।

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे

इतना ही नहीं, टेक्नोलॉजी के साथ ही यात्रियों के मनोरंजन का भी पूरा ध्यान रखा गया है। ब्रिज इंजीनियर देवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि हाइवे पर एक आर्ट गैलरी बनाई गई है जिसमें 35 प्रोजेक्टर लगाए गए हैं। इन प्रोजेक्ट के जरिए दिल्ली के बेहतरीन दृश्यों को दिखाया जाएगा ताकि एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले यात्री सफर को और भी ज्यादा यादगार बना सके और दिल्ली से पूरी तरीके से रूबरू हो सकें। एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए कैंटीन रेस्ट रूम और पेट्रोल पंप वॉशरूम की सुविधा भी दी गई है ताकि सफर के दौरान किसी तरीके की परेशानी का सामना यात्रियों को ना करना पड़े।

इस सब के अलावा सोलर ऊर्जा और हरियाली का पूरा भी पूरा ध्यान रखा गया है, एक्सप्रेस-वे पर आप जहां तक देखेंगे केवल हरियाली ही हरियाली नज़र आएगी। साथ ही, आपकी यात्रा को यादगार बनाने के लिए सभी इंटरचेंजों पर रंग-बिरंगे फूल और सुंदर-सुंदर पेड़ पौधे लगाए गए हैं।

जहां एक तरफ एक्सप्रेस-वे को पूर्णत: ईको-फ्रेड्न्ली बनाया गया है वहीं हर 500 मीटर की दूरी पर सोलर सिस्टम लगाए गए हैं, पूरे एक्सप्रेस-वे को उज्ज्वलित करने के लिए इन्हीं सोलर सिस्टम्स का प्रयोग किया जाएगा।

ईस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली में बढ़ते जाम में राहत मिलेगी और आसपास बसें इलाकों को दूरी को कम किया जा सकेगा।

ऐसा भारत में पहली बार हुआ है जब एक हाइवे दूसरे हाइवे को क्रॉस कर रहा है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे महज़ 500 दिनों में यानि के तय समय से पूरे 410 दिन पहले बन कर तैयार हो चुका है, 11 हज़ार की कीमत से बने इस एक्सप्रेस वे की लंबाई 135 किलोमीटर है। साथ ही पूरे हाइवे पर भारतीयता चमक कर उभरती है, पूरे हाइवे पर विभिन्न राष्ट्रीय धरोवरों की रिप्लिका खड़ी की गयी है।

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