एक बार फिर पिटे केजरीवाल और इसी के साथ सबसे अधिक पिटने वाले सीएम होने का रिकॉर्ड बनाया

लगता है दिल्ली के मुख्यमंत्री साहब के ग्रह-नक्षत्र ज़रा सही नहीं चल रहे है। अभी उन्हें आम आदमी पार्टी के विधायकों से पिटे चंद दिन ही बीते होंगे और एक बार फिर केजरीवाल को एक आम आदमी ने चाटा मार दिया। जी हाँ! दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर आज नई दिल्ली के मोती नगर इलाके में उन्हीं के रोड शो के दौरान हमला किया गया।

यह घटना तब हुई जब अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी के नई दिल्ली के उम्मीदवार बृजेश गोयल के पक्ष में उनके इलाके में रोड शो कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक लाल शर्ट पहने एक व्यक्ति अचानक केजरीवाल की खुली जीप के ऊपर चड़ा और उन्हें थप्पड़ मारकर फौरन उतर गया। उतरते समय हमलावर को केजरीवाल के कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया और मोती नगर पुलिस को सौंप दिया।

जाँच के दौरान उस हमलावर की पहचान कैलाश पार्क में स्पेयर पार्ट्स का कारोबार करने वाले 33 वर्षीय सुरेश के रूप में हुई है।

आप को बता दें कि एक समय था जब केजरीवाल ने जरनैल सिंह के जूता मारने के रेकॉर्ड से खुश हो कर उनको अपनी पार्टी से टिकट दे कर उन्हें पश्चिमी दिल्ली से चुनाव लड़ने का मौका दिया था। जरनैल सिंह ही भारत के वो पहले नेता थे जिन्होंने सबसे पहले किसी अन्य नेता पर जूता उछला था।

जूतों की राजनीति शुरू करने से पहले जरनैल सिंह एक पत्रकार थे। वह दैनिक जागरण अखबार में डिफेंस बीट के रिपोर्टर थे और वे डिफ़ेस बीट कवर करते-करते बहुत ही नाटकीय तरीके से खुद ही हिंसा पर उतर गए। राजनेताओं पर जूता उछालने वालों को जिस तरह से केजरीवाल ने पाला है आज शायद केजरीवाल को उसी का फल मिल रहा है।

आपको बता दें की ये कोई पहली बार नहीं हुआ है कि केजरीवाल किसी से पिटे हो। बल्कि ये सिलसिला तो उनके राजनीति में आने के समय से चला जा आ रहा है। सर्वप्रथम 2014 में केजरीवाल को एक ऑटो वाले ने थप्पड़ मारा। फिर 2016 में ऑड-ईवन फेज़-2 की रिपोर्ट पेश करते हुए केजरीवाल को एक आदमी ने जूता मारा। उसी के कुछ दिनों बाद एक औरत ने छत्रसाल स्टेडियम में केजरीवाल के मुंह पर इंक उछाल दी थी। इतना ही नहीं केजरीवाल पर सिर्फ हाथों या जूतों से ही नहीं बल्कि मिर्ची से भी हमला हो चुका है। नवम्बर 2018 में भी एक आदमी ने उनके दफ्तर केंद्रीय सचिवालय के बाहर उनके मुंह मर लाल मिर्ची पाउडर फेक कर हमाला करा था।


और पिछले हफ्ते की मार तो आपको याद ही होगी जिसमें उनके खुद के विधायकों ने कथित तौर पर उन्हें बहुत मारा। उनके पिटने का सिलसिला वहीं थमा नहीं बल्कि आज फिर बेचारे सीएम साहिब को थप्पड़ खाना पड़ा।

अब गौर करने वाली बात ये है कि क्या मार के ये सभी किस्से सच है या फिर मात्र पब्लिसिटी स्टंट? क्यूंकी विधायक वाले किस्से को छोड़ दें तो विपक्ष की ओर से हमेशा यही आरोप लगाता आया है कि ये मार खाना मात्र सीएम केजरीवाल का एक ड्रामा है जिसको उन्होंने जनता की सहानुभूति प्राप्त करने का एक हथियार बना लिया है।

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