नमामि गंगे : विश्व पर्यावरण दिवस पर "जल शक्ति मंत्रालय" ने किया राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रतियोगिता 'गंगा क्वेस्ट' के विजेताओं का सम्मान

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आज विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जल शक्ति मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत दिल्ली के अशोक होटल में एक मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसके दौरान एनएमसीजी द्वारा आयोजित की गई "गंगा क्वेस्ट" प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और साथ ही एनजीएमसी और कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी और GSPPL के बीच एक मुख्य समझौते पर हस्ताक्षर किये गए।

• केंद्रीय मंत्री, गजेंद्र सिंह शेखावत ने पानी के संरक्षण के लिए तत्काल उपाय करने और इसकी उपयोग दक्षता में सुधार करने पर जोर दिया

• हावड़ा, बल्ली, बारानगर और कमरहटी के लिए 15 साल के लिए 'वन सिटी-वन ऑपरेटर' के तहत 592 करोड़ रुपए की कुल लागत वाली कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर

• एनएमसीजी ने कुंभ मेला, 2019 में बेहतरीन काम करने के लिए गंगा प्रहरियों को सम्मानित किया

• डब्ल्यूआईआई, सी-गंगा और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ द्वारा की पुस्तकें जारी

इस अवसर पर नवनिर्वाचित केंद्रीय मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत और श्री रत्न लाल कटारिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम को भारत के प्रसिद्ध वॉइस आर्टिस्ट श्री शम्मी नारंग ने होस्ट किया। एनएमसीजी के डीजी श्री राजीव रंजन मिश्रा जी ने चंद शब्दों में सबका स्वागत करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की।

कार्यक्रम के दौरान NMCG ने 165 MLD क्षमता के नए सीवेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण और विकास के लिए कोलकाता मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी और GSPPL के साथ रियायत समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता 15 वर्षों के लिए पश्चिम बंगाल के हावड़ा, बल्ली और बारानगर और कमरहटी में मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के संचालन और रखरखाव के लिए उपयोगी है। इस परियोजना के तहत 16 किलोमीटर लंबी सीवेज अवसंरचना का कार्य भी शुरू किया जाएगा।

इसी बीच सभी एनएमजीसी द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मंच पर बुला कर सम्मानित किया गया।

अपने सम्बोधन के दौरान नमामि गंगे प्रोजेक्ट की आलोचना का जवाब देते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि 'नमामि गंगे' परियोजना के तहत बीजेपी के पिछले कार्यकाल में अनेकों कार्य किए गए है और उनके नतीजे अगले साल तक जनता को खुद दिखाई देंगे। साथ ही शेखावत जी ने यह भी कहा कि अकेले सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे यदि वाकई में गंगा का कायाकल्प और संरक्षण चाहते है तो जनता को भी सरकार के साथ कदम से कदम मिलना होगा। गंगा को साफ करने में जन-जन की भागीदारी वांछित है।पर्यावरण के विषय में चर्चा को बढ़ावा देते हुए कहा कि 'जिन भी विषयों को हमें चेतना का विषय बनाना है, उसपर चर्चा करना जरूरी है. साथ ही कार्यक्रम में आए लोगों को कहा कि 'आइए हम संकल्प लें कि हम पर्यावरण का संरक्षण करेंगे.' आखिर में उन्होंने कहा कि हमें नए संरक्षण के तरीकों के साथ हमारी संस्कृति में बताए गए तौर-तरीकों से पर्यावरण को बचाने पर जोर देना होगा मात्र सख्त कानून बनाने से कोई फायदा नहीं होगा बल्कि लोगों को नदी की उपयोगिता को समझने की आवश्यकता है। हमें सरकार और लोगों के बीच साझेदारी की आवश्यकता है।

शेखावत जी ने कहा "हम सब लोग पृथ्वी माता के पुत्र हैं। पृथ्वी के प्रति जितना हमारा अधिकार है, उतना ही इस पृथ्वी के और पर्यावरण के प्रति हमारा कर्तव्य भी है।" उन्होंने कहा, "यह पूछा जा रहा है कि पिछले चार वर्षों में गंगा की सफाई क्यों नहीं की गई है। क्षमता निर्माण कार्यक्रम पूरी गति के साथ चल रहे हैं। कुल 298 परियोजनाओं में से लगभग 98 पूरी हो चुकी हैं।" उन्होंने आश्वासन दिलाया कि "अगले दो वर्षों में, आप महत्वपूर्ण बदलाव देखेंगे।"

जल शक्ति और सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्री श्री रतन लाल कटारिया ने नदियों के संरक्षण के लिए एक प्रभावी साधन के रूप में जल संरक्षण पर जोर दिया. नदी महत्वपूर्ण जल स्रोतों में से एक है और इसलिए नदी घाटी प्रणालियों में ई-प्रवाह की रक्षा और सुधार करना महत्वपूर्ण है. उन्होंने आगे कहा कि नदियां केवल पानी के संग्रह से अधिक हैं, लेकिन जल, तलछट, चट्टानें, जलीय जीवन, पौधों आदि की एक समग्र प्रणाली बड़ी संख्या में पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएं प्रदान करती हैं ।

इस आयोजन में आए अन्य गण्मान्य अतिथियों में जल शक्ति मंत्रालय के सचिव श्री यूपी सिंह, जर्मन दूतावास के मिशन उप प्रमुख डॉ जैस्पर विक, और राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक श्री राजीव रंजन मिश्रा शामिल हुए. इसके साथ जीआईजेड इंडिया, भारतीय वन्यजीव संस्थान, राष्ट्रीय जल मिशन, सी-गंगा और विभाग के अन्य हितधारकों की भागीदारी भी देखी गई. गंगा नदी की जैव विविधता पर पुस्तक, भारत जल प्रभाव शिखर सम्मेलन दिसंबर 2010 की कार्यवाही और सी-गंगा द्वारा पल्प एंड पेपर उद्योग के अध्ययन पर रिपोर्ट सहित तीन पुस्तकों के विमोचन के बाद कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगों ने जल संरक्षण पर राष्ट्रीय जल मिशन द्वारा रेडियो जिंगल जारी किया

अभी सरकार और इस मंत्रालय के गठन को मात्र चंद दिन ही हुए है और जिस जोश में शेखावत जी दिखे उसको देखते हुए कहा जा सकता है की नितिन गडकरी द्वारा शुरू हुआ नमामि गंगे प्रोजेक्ट बहुत ही काबिल हाथों में है।

इन्हीं सब बातों के साथ शेखावत जी ने अपनी बात पूरी की। कार्यक्रम को समापन की ओर ले जाते हुए जी. असोक ने वोट ऑफ थैंक्स दिया।

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