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धर्मांतरण जिहाद की भेंट चढ़ा एक और हिन्दू : इस्लामिक कट्टरपंथियों ने की हत्या

धर्मांतरण जिहाद की भेंट चढ़ा एक और हिन्दू : इस्लामिक कट्टरपंथियों ने की हत्या

तमिलनाडु के तंजावुर जिले में कुंभकोणम नामक एक दलित बस्ती में, एक 42 वर्षीय दलित हिंदू की मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा सार्वजनिक रूप से हत्या कर दी गई थी हत्या 5 फरवरी की रात को की गई थी जब वह अपनी कार से कहीं जा रहा था। इस हत्या में इस्लामिक कट्टरपंथी समूह The Popular Front of India (PFI) का शक है। शुरुआती पुलिस जांच के अनुसार, रामलिंगम दलित बस्ती में धर्मांतरण का विरोध कर रहे थे, इसलिए उन्हें मुस्लिम कट्टरपंथियों ने मार डाला।

सूत्रों के अनुसार "मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा रोज़-रोज़ दलितों की बस्ती में जाकर उन्हें हिन्दू धर्म के विरुद्ध बरगलाया जाता था और इस्लाम कबूल करने के लिए उकसाया एवं उन पर दबाब बनाया जाता था" बस निर्दोष रामलिंगम का अपराध ये ही था कि उसे इन मुस्लिम कट्टरपंथियों का इस प्रकार दलितों की बस्ती में आकार धर्मांतरण की बातें करना पसंद नहीं था वह इसके विरुद्ध लंबे समय से मुस्लिम कट्टरपंथियों का विरोध कर रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, 5 फरवरी की शाम में, रामलिंगम की कार एक मुस्लिम इलाके से गुजर रही थी। इसी बीच कुछ लड़कों ने उसकी कार का पीछा किया। उन्हें रोका और फिर धारदार हथियार से उनके हाथों और सिर पर हमला किया। हमले में उनके हाथ कट गए और सिर में गहरी चोट लगी थी। अस्पताल ले जाते समय अत्यधिक रक्तस्राव से उनकी मृत्यु हो गई। मुस्लिम लाशों पर राजनीति करने वाले नेता और लुटियंस मीडिया इतनी निर्मम हत्या के बाद भी चुप है। सवाल उठता है कि अगर रामलिंगम जगह एक मुस्लिम को मार दिया गया होता क्या तब भी ये लोग इस तरह चुप और सहिष्णु बने रहते?

रामलिंगम की निर्मम हत्या से समाज के लोग आक्रोशित हो गए और आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पर दबाव डाला। इसके बाद पुलिस ने पूरे कुंभकोणम की सुरक्षा कड़ी कर दी थी, अशांति की आशंका के तहत कुंभकोणम में और उसके आसपास 250 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। कई जगहों पर छापे मारे गए। फिर वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस जांच के आधार पर पकड़े गए आरोपियों के नाम मोहम्मद रियाज, सरबुद्दीन, मोहम्मद अजहरुद्दीन, निजाम अली और मोहम्मद रियाज हैं। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार किए गए पाँच लोगों में से एक निजाम अली का संबंध कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन माने जाने वाले पीएफआई (PFI) है।

रामलिंगम के बेटे की शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या की सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया था। रामलिंगम का शव उनके परिवार को सौंप दिया गया है।

रॉबर्ट स्पेंसर जो जिहाद वॉच के निदेशक हैं ने भी इस हत्या पर सवाल उठाते हुये ट्वीट किया है "कि भारत में मुस्लिमों ने एक व्यक्ति के हाथों को बेरहमी से काट डाला क्योंकि वह इस्लामिक धर्मांतरण का विरोध कर रहा था, उन्होने उसे मौत दी"।

स्वयं को विश्व नागरिक कहलाना पसंद करने वाले Mohandas Pai ने इसी सवाल को अपने ट्वीट के माध्यम से उठाया है। उन्होंने लिखा है "तमिलनाडु में हिंदू की निर्मम हत्या। एक हिंदू की इस नृशंस हत्या पर लुटियंस मीडिया चुप क्यों है? क्या इसलिए कि जिसकी हत्या हुई है वह हिंदू था? उन्होंने यह सवाल भी किया है कि अगर कोई मुसलमान इस तरह मारा जाता तो लुटियंस मीडिया चुप रहती? क्या हिन्दू अपने ही देश में ईश्वर के बच्चे नहीं हैं

बताया जाता है कि मुस्लिम कट्टरपंथियों को रामलिंगम के सहिष्णु तर्क पसंद नहीं थे। नीचे दिये वीडियो में, रंगीन शर्ट एवं मुस्लिम टोपी पहने जो व्यक्ति दिखाई दे रहा है, वह रामलिंगम है जिसे कट्टरपंथियों ने बेरहमी से मार डाला। इस वीडियो के बारे में संघ कार्यकर्ता SG Suryah का कहना है कि रामलिंगम मुस्लिम टोपी पहनकर उन मुस्लिम कट्टरपंथियों को समझा रहे थे, जो वहाँ दलितों का धर्म परिवर्तन कराने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे थे। रामलिंगम उन मुस्लिमों से कह रहे हैं कि हम अपने सिर पर मुस्लिम टोपी पहन सकते हैं लेकिन क्या आप अपने माथे पर तिलक लगा सकते हैं। आप उस भोजन को भी स्वीकार करते हैं जिसे आप अपने अल्लाह को अर्पित करते हैं, लेकिन क्या आप हिंदू देवताओं को चढ़ाए गए भोजन का प्रसाद खा सकते हैं? माना जाता है कि इसीलिए मुस्लिम कट्टरपंथी ने रामलिंगम अपने रास्ते से हटा दिया क्योंकि उसके ऐसे तार्किक बिंदु बताने से दलितों द्वारा इस्लाम स्वीकार करने के कार्य में बाधा आ रही थी।

रामलिंगम की हत्या करने वाले मुस्लिम कट्टरपंथियों के संबंध पीएफआई को बताए गए हैं। यह आरोप लगाया जाता है कि इस संगठन के सदस्य धार्मिक घृणा फैलाते हैं। ये लोग दलितों की बस्ती में जाते हैं और दलितों को सनातन धर्म के बारे में गलत बातों के द्वारा गुमराह कराते हैं और फिर उन्हें इस्लाम के बारे में बताकर इस्लाम कबूल करने के लिए लालच देते हैं या दबाब बनाते हैं।

मुस्लिमों की लाशों पर अपनी राजनीति की रोटियाँ सेकने वाले गिद्ध नेताओं में से किसी ने मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा बेरहमी से मारे गए रामलिंगम की हत्या के बाद भी पीड़ित परिवार की सुध नहीं ली। रामलिंगम की हत्या के बाद उसके बेसहारा परिवार में पत्नी और बूढ़ी माँ के अलावा तीन बेटे है।

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