Ministry of Food Processing में भ्रष्टाचार, बेची जा रही हैं कमेटियों की सदस्यता, प्रदेश स्तरीय नेता शामिल

Ministry of Food Processing में भ्रष्टाचार, बेची जा रही हैं कमेटियों की सदस्यता, प्रदेश स्तरीय नेता शामिल

कमेटियों की सदस्यता बेचने का ये सारा खेल क्या सिर्फ पार्टी के कुछ प्रदेश पदाधिकारियों का ही रचा हुआ है या फिर इस उच्च स्तर के भी अन्य लोग शामिल हैं

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार Ministry of Food Processing के केन्द्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की अपनी ही पार्टी 'लोक जन शक्ति' के दिल्ली प्रदेश के पदाधिकारियों द्वारा स्थानीय लोगों को बरगला कर उनसे Ministry of Food Processing में गठित की जा रही कमेटियों के नाम पर मोटा पैसा मांगा/लिया जा रहा है।

हमारे सूत्रों ने बताया कि लगभग पिछले 20 दिन से दिल्ली में लोक जन शक्ति पार्टी के कुछ प्रदेश पधाधिकारी इस कार्य में संलग्न हैं, सूत्रों का तो यहाँ तक कहना है कि उन पदाधिकारियों के अनुसार सदस्यता बेचकर जो भी पैसा आएगा उसमें से एक मोटा हिस्सा सीधे मंत्री जी के पास जाएगा, अब उन पदाधिकारियों कि बात में कितनी सच्चाई है ये एक गहन जाँच का विषय है।

वैसे इससे पहले भी इस प्रकार के आरोप स्व॰ राम विलास पासवान (लोकजन शक्ति पार्टी के भूतपूर्व अध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्री) के खाद्य एवं उपभोक्ता मामले के मंत्रीत्व काल में उनकी पार्टी के नेताओं पर मंत्रालय की कमेटियों की सदस्यता बेचेने के लिए लगते रहे हैं। यहाँ तक उस समय FCI के अधीन एक कमेटी का गठन करके उसके सदस्यों से सदस्यता देने के नाम पर पैसे लिए गए थे। लेकिन जब सरकार के शीर्ष नेतृत्व कि तरफ से उस कमेटी के औचित्य पर सवाल उठाए गए तो उस कमेटी को 3 महीने के बाद ही समाप्त कर दिया गया था जिसे लेकर उसके सदस्यों ने जंतर - मंतर पर धारणा प्रदर्शन भी किया था। क्योंकि जिन लोगों से सदस्यता के नाम पर पैसा लिया गया था उनका पैसा वापस नहीं किया गया था।

हमने मामले कि गंभीरता को देखते हुये ये समाचार प्रकाशित करने से पहले इसकी सच्चाई की तह में जाने कि कोशिश की और इसके लिए अपने सूत्रों को कुछ पुख्ता जानकारी तलाशने के लिए कहा। इसके बाद जो सच्चाई सामने आई वो वाकई आरोपों की सत्यता को प्रमाणित कर रही थी।

हमारे सूत्रों ने लोक जन सकती पार्टी के उन प्रदेश पदाधिकारियों पर निगाह रखी जिनका नाम इस सारे घटनाक्रम में सामने आ रहा था। उस दौरान दिल्ली के कोंसिटीट्यूशन क्लब (Constitution Club) के पास बने Vithal Bhai Patel House (आवासीय कम्पलेक्स) आसपास से इस हाथ लगे, क्योंकि आजकल लोक जन शक्ति पार्टी के लोगों का वहाँ आना जाना अधिक हो रहा है।

हमारे गोपनीय सूत्रों के आधार पर जो पूरी जानकारी सामने आई है उसके अनुसार Ministry of Food Processing में कुछ कमेटियों का गठन किया जा रहा है, जिसमें से अभी तक दो नाम सामने आए हैं 1॰ Food Testing Laboratory Monitoring Committee 2. Vine Controlling monitoring Committee। सूत्रों का कहना है कि पहली कमेटी की सदस्य संख्या 28 बताई जा रही है जिसमें में दिल्ली से 5 लोगों को लेने की बात कही जा रही है इसी प्रकार दूसरी कमेटी में दिल्ली से 3 लोगों को सदस्य बनाया जाएगा। इन दोनों ही कमेटियों की सदस्यता देने के नाम पर पहली कमेटी के लिए जहाँ लोगों से 5 लाख से 10 लाख तक मांगे जा रहे हैं तो वहीं Vine Controlling monitoring Committee के नाम पर तो 1 करोड़ रूपये तक की राशि वसूली जा रही है। वाईन कमेटी के चेयरमैन की सदस्यता के लिए तो 15 करोड़ की भरी भरकम राशि की डिमांड है।

जो लोग इन कमेटियों के सदस्य बनने के इच्छुक हैं उन्हें लालच दिया जा रहा है कि सदस्य बनते ही उन्हें अपने- क्षेत्र में एक - एक Food Testing Laboratory खोलने का अधिकार मिल जाएगा जिसके लिए Ministry of Food Processing की तरफ से 25 लाख रूपये की सहायता राशि भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त अभी जो पैसा वो सदस्यता लेने के लिए खर्च कर रहे हैं सदस्य बनते ही उस पैसे से कई गुना अधिक पैसा उन्हें अपने क्षेत्र के खाद्य व्यवसाय (किसी भी रूप में) से जुड़े लोगों से वसूसलने (फूड सैंपल फेल दिखाकर रिश्वत के रूप में) का अधिकार मिल जाएगा, इसी से मिलता हुआ लालच वाईन कमेटी का सदस्य बनने के लिए पैसा देने वाले लोगों को भी दिया जा रहा।

इतनी सब जानकारी सामने आने के बाद बड़ा सवाल ये है कि कमेटियों की सदस्यता बेचने का ये सारा खेल क्या सिर्फ पार्टी के कुछ प्रदेश पदाधिकारियों का ही रचा हुआ है या फिर इस उच्च स्तर के भी अन्य लोग शामिल हैं क्योंकि लोक जन शक्ति के प्रदेश पदाधिकारी के अनुसार तो इसमें सीधे - सीधे केन्द्रीय मंत्री हिस्सेदार हैं। वैसे भी सामान्य बुद्धि से भी सोचा जाए तो किसी भी मंत्रालय में बनने वाली कमेटियों की सदस्यता किसी भी पार्टी को कोई भी छोटा या बड़ा पदाधिकारी मंत्रालय के प्रशानिक अधिकारियों की मिलीभगत के बिना बेचकर पैसा नहीं ले सकता!

हम आशा करते हैं कि अगर वाकई ऐसा कुछ चल रहा है तो केंद्र सरकार का शीर्ष नेतृत्व अवश्य इसका संज्ञान लेकर इसकी गहन जाँच करेगा और इसमें दोषी पाये जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही करेगा।

अभी हमारे पास इस पूरे प्रकरण में शामिल कुछ लोगों के चेहरे आ चुके हैं लेकिन जब तक उनके विरुद्ध ठोस प्रमाण नहीं आ जाते हम उनका नाम सार्वजनिक नहीं कर सकते लेकिन हम अपने देश के जागरूक नागरिकों से वायदा करते हैं कि हम इस प्रकरण पर निगाह रखे हुये हैं और अगर मंत्रालय की तरफ से और केंद्र सरकार की तरफ से इस में शामिल लोगों के खिलाफ यथाशीघ्र कोई कार्यवाही नहीं की गई तो फिर हम उन दोषी व्यक्तियों के चेहरे जनता के सामने उजागर लाएँगे।

जब हमारे सूत्र इस सब की पड़ताल कर रहे थे तो लोक जन शक्ति पार्टी से जुड़ी कुछ अन्य जानकारी भी सामने आई, बताया गया कि सिर्फ कमेटी की सदस्यता देने के नाम पर ही पैसा नहीं लूटा जा रहा अपितु दिल्ली प्रदेश में पार्टी प्रदेश स्तर पर पार्टी के पदों को भी मोटे पैसे लेकर बेचा जा रहा है, जिसमें प्रदेश उपाध्यक्ष बनने का शुल्क 1 करोड़ रूपये से ऊपर है तो महामंत्री बनने का 50 लाख रूपये तक है। अगर बात करें सिर्फ पार्टी की सदस्यता के लिए लिए जा रहे मोटे पैसे की तो बड़ा सवाल ये है कि क्या ये सब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मर्जी से ही हो रहा है ?

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