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रामजन्मभूमि : राम लला की मूर्ति को नए अस्थायी ढांचे में स्थानांतरित किया गया

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अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य मंदिर के निर्माण के लिए, आज चैत्र शुक्ल, प्रतिपदा, बुधवार, के दिन रामलला को नए अस्थाई मंदिर में स्थानांतरित किया गया। ज्ञात हो कि आज नवरात्रि (Navratri) का पहला दिन है। इस दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। आज से ही हिंदू नव वर्ष (Hindu Nav Varsh) विक्रम संवत् 2076 भी शुभारंभ हो चुका है। नवरात्रि का दिन हिंदू धर्म के लोगों के लिए बेहद ही शुभ माना जाता है। जो हर साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है।


आज प्रातः 3 बजे श्रीराम जन्मभूमि परिसर में स्थित गर्भगृह में रामलला को स्नान और पूजा-अर्चना के बाद अस्थायी मंदिर में स्थानांतरित कर दिया गया। अब इसके मूल गर्भगृह पर नए मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होगा।

मंत्रोच्चार के साथ गर्भ गृह से रामलला को उनके तीनों भाइयों और सालिगराम के विग्रह के साथ अस्थायी नए ढांचे में 9.5 किलोग्राम चांदी के सिंहासन पर स्थानांतरित किया गया। रामलला के लिए चांदी का यह सिंहासन जयपुर के कारीगरों ने बनाया है। चांदी के सिहासन के पृष्ठ पर सूर्य देव की आकृति और दो मोर उत्कीर्ण किए गए हैं।

नए अस्थाई मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरती की। उन्होंने मंदिर के निर्माण के लिए अपनी व्यक्तिगत आय से 11 लाख रुपये का योगदान भी मंदिर निर्माण के लिय दिया। इस शुभ अवसर पर रामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास, ट्रस्ट के सदस्य राजा बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, सदस्य अनिल मिश्रा, ट्रस्ट के महासचिव चपंत राय, दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास, अवनीस अवस्थी उपस्थित थे।

देशभर में CoronaVirus के प्रसार को रोकने के लिए किए गए LockDown के कारण अयोध्या के स्थानीय प्रशासन ने सावधानीवश इस अवसर पर लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं दी।

मूर्ति के अस्थायी मंदिर में स्थानांतरण के बाद अब मुख्य गर्भग्रह पर भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य आरंभ किया जाएगा। मूर्ति को नए बने अस्थायी ढांचे में तब तक रखा जाएगा जब तक कि मुख्य गर्भग्रह स्थल पर राम मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हो जाता।

इस सारे कार्यक्रम पर विपक्षी दलों के नेता अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेकने से बाज़ नहीं आए । विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने बाद में आदित्यनाथ की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने समारोह में भाग लेकर अच्छा उदाहरण प्रस्तुत नहीं किया है।

समाजवादी पार्टी के राज्य मंत्री नरेश उत्तम ने कहा, "योगी लोगों से कह रहे हैं कि वे मंदिरों और मस्जिदों में न जाएं और कोरोनोवायरस महामारी के मद्देनजर यह बिल्कुल सही है। लेकिन मुख्यमंत्री स्वयं क्या कर रहे हैं कि वे क्या कह रहे हैं।"

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आदित्यनाथ ने खुद कहा था कि लोगों को मंदिरों, मस्जिदों या गुरुद्वारों में नहीं जाना चाहिए, और इसके बजाय घर पर प्रार्थना करें। आगे कांग्रेस नेताओं ने कहा, "लेकिन मुख्यमंत्री खुद कह रहे हैं कि उन्होंने जो कहा है, उसके खिलाफ हैं।" उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि आदित्यनाथ घर पर पूजा करते और एक मिसाल कायम करते।

आम आदमी पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने कहा कि जिम्मेदार लोग उनके द्वारा की जा रही अपील का पालन नहीं कर रहे हैं। सभाजीत सिंह ने कहा कि अगर घटना के समय सभी सावधानियां बरती जातीं, तो वहां "कुछ और लोग" भी मौजूद हो सकते थे।

सिंह ने कहा, "मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में अधिकारी भी मौजूद रहे। बेहतर होता कि मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को स्थगित कर दिया होता" ।

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