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एक अजूबा : 7 साल की भारतीय बच्ची संयुक्त राष्ट्र को करेगी संबोधित

एक अजूबा : 7 साल की भारतीय बच्ची संयुक्त राष्ट्र को करेगी संबोधितछोटी सी उम्र में दुनिया भर के सामने संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करना निस्संदेह ही किसी अजूबे से कम नहीं है। लिसिप्रिया भारत के मणिपुर राज्य से है। मणिपुर मूल की निवासी लिसिप्रिया मात्र 7 साल की है �

अजूबे तो अपने बहुत देखे होंगे परंतु आज जो अजूबा हम आपके लिए लाए है वो आपके दिल को गहराई तक प्रेरित कर देगा। हम बात कर रहे है एक 7 साल की बच्ची लिसिप्रिया कंगुजम (Licypriya Kangujam) की। लिसिप्रिया उम्र से तो बच्ची है परंतु इनके काम बड़े बड़े लोगों के लिए प्रेरणादायक है। आपको बता दें कि मात्र 7 वर्ष की उम्र में लिसिप्रिया की संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक मंच के छठे सत्र में संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करने के लिए बुलाया गया है।

छोटी सी उम्र में दुनिया भर के सामने संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करना निस्संदेह ही किसी अजूबे से कम नहीं है। लिसिप्रिया भारत के मणिपुर राज्य से है। मणिपुर मूल की निवासी लिसिप्रिया मात्र 7 साल की है और कक्षा 2 में पढ़ रही है।

लिसिप्रिया 13 मई से 17 मई, 2019 तक स्विट्जरलैंड में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय जिनेवा में आयोजित होने वाले ग्लोबल प्लेटफॉर्म फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन 2019 के छठे सत्र में भाग लेने के लिए पूरी तरह तैयार है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की थीम 'रेजिलिएंट डिविडेंड: टुवर्ड्स सस्टेनेबल एंड इनक्लूसिव सोसाइटीज' है।
लिसिप्रिया संयुक्त राष्ट्र ऑफिस फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (UNISDR) और स्विटजरलैंड सरकार की ओर से आमंत्रण प्राप्त करने वाली सबसे कम उम्र की पहली प्रतिभागी है। वह एशिया और प्रशांत के सभी बच्चों और युवाओं का प्रतिनिधित्व करेगी। वह वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय युवा समिति (IYC) में बाल आपदा जोखिम न्यूनीकरण अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं।

आपदा प्रबंधन पर बातचीत के दौरान लिसिप्रिया ने कहा 'जब मैं भूकंप, बाढ़ और सुनामी के कारण टीवी पर लोगों को पीड़ित और मरते हुए देखती हूं तो मैं डर जाती हूं। मैं रोती हूं जब मैं देखती हूं कि बच्चों को अपने माता-पिता को खोते हुए या आपदाओं के कारण लोग बेघर हो रहे हैं। मैं सभी से इस काम में दिमाग और जुनून से जुड़ने का आग्रह करती हूं, ताकि हम सभी के लिए एक बेहतर दुनिया का निर्माण हो सके।'

इस कार्यक्रम में सरकारी और अंतरसरकारी संगठन, संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की हिस्सेदारी होगी। रेड क्रॉस के राष्ट्रीय सोसायटी और रेड क्रिसेंट संगठन जैसे समूह भी इस कार्यक्रम में उपस्थित होंगे। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब लिसिप्रिया को किसी अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया हो। 2018 में उसे मंगोलिया के उलानबटार में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर 2018 एशिया मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में आमंत्रित किया गया था, जो 3 से 7 जुलाई तक आयोजित किया गया था। लिसिप्रिया ने सिर्फ 7 साल की उम्र में आठ देशों का दौरा किया है और कई जगहों पर भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है।

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