अमेरिका का फरमान, पाकिस्तान को सहायता चाहिए तो आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करनी होगी

अमेरिका का फरमान, पाकिस्तान को सहायता चाहिए तो आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करनी होगी

अमेरिका ने आज स्पष्ट कर दिया कि यदि पाकिस्तान को अरबों डॉलर की अमेरिकी सहायता पाते रहना है तो उसे हक्कानी नेटवर्क समेत विभिन्न आतंकवादी संगठनों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करनी ही होगी।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन के प्रवक्ता कर्नल रॉब मैनिंग ने पत्रकारों से कहा ," हमारी अपेक्षाएं सीधी और स्पष्ट हैं। तालिबान और हक्कानी नेटवर्क और उनके नेतृत्व को अपना अभियान चलाने और पाकिस्तानी जमीन के सुरक्षित शरणस्थली के रूप में इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। "
श्री मैनिंग ने कहा,"अमेरिका ने पाकिस्तान को इस संबंध में खास और ठोस कदम उठाने की सलाह दी है।"
हक्कानी नेटवर्क और अफगान तालिबान पर कार्रवाई नहीं करने के विरोध में पाकिस्तान को "गठबंधन सहायता कोष" से दी जाने वाली 900 मिलियन डॉलर की सहायता पर रोक लगाने का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एलान किया था। इसमें पाकिस्तान की ओर से आतंकवादियों के खिलाफ चलाये गये अभियानों पर खर्च की गयी राशि का भुगतान शामिल है।
पेंटागन के अधिकारी अब इस बात पर नजर बनाये हुए हैं कि कहीं पाकिस्तान अपने कराची बंदरगाह से अफगानिस्तान स्थित अमेरिकी सैनिकों के बीच की आपूर्ति लाइन काट तो नहीं रहा है। श्री मैनिंग ने कहा," अब तक पाकिस्तान ने कोई ऐसा कदम नहीं उठाया है और न ही कोई कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।"
पाकिस्तान हालांकि इन तमाम आरोपों से इनकार करता है। उनका मानना है कि श्री ट्रम्प के वित्तीय सहायता से संबंधित निर्णय के "प्रतिकूल असर" होंगे।

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