नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना-एक्सप्रेस-वे के प्राधिकरण हैं भ्रष्टाचार का अड्डा : मौलिक भारत

मौलिक भारत द्वारा एक बार फिर नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरणों की अराजकता व अनियमितताओ के संदर्भ में यूपी के मुख्यमंत्री को भेजा शिकायती है पत्र। अपने इस पत्र में मौलिक भारत ने यूपी सरकार पर गंभीर आरोप लगते हुये कहा कि राष्ट्रपति, उच्चतम न्यायालय व शहरी विकास मंत्रालय आदि के आदेशों के बाद भी सरकार द्वारा भ्रष्टाचार से घिरे इन प्राधिकरणों के अधिकारियों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है!!!

देश के सुशासन, चुनाव सुधार आदि की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य करने वाली संस्था मौलिक भारत द्वारा नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना-एक्सप्रेस-वे सहित तीनों प्राधिकरणों में अभी भी चल रही व पूर्व की अनियमितताओं व अराजकता के संदर्भ में एक प्रैस वार्ता का आयोजन दिनांक 19/8/2021 दिन गुरुवार को प्रातः 11.15 बजे से H -100, भूतल (बेसमेंट), सेक्टर 12, नोएडा में किया गया।

इस प्रेस वार्ता को मौलिक भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुज अग्रवाल, संबोधित किया गया एवं प्राधिकारणों में व्याप्त भ्रष्टाचार के इस गंभीर विषय पर मौलिक भारत के अन्य पदाधिकारियों महेश सक्सेना (सलाहकार ट्रस्टी), एडवोकेट अनिल गर्ग (राष्ट्रीय सचिव), एडवोकेट .संजय शर्मा (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), एडवोकेट पंकज सरावगी (राष्ट्रीय कानूनी सलाहकार), आदि द्वारा भी प्रेस वार्ता में आए पत्रकारों के प्रश्नों के जबाब दिये गए।

संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मौलिक भारत अनुज अग्रवाल ने बताया कि मौलिक भारत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत शिकायत पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि संस्था के आरोपों की पुष्टि करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा में एमराल्ड कोर्ट के ट्विन टावर अपेक्स और सियान के मामले में सुनवाई के दौरान नोएडा अथॉरिटी पर तीखी टिप्पणियां की। संस्था के ये आरोप है सिर्फ नोएडा प्राधिकरण ही नहीं है अपितु संस्था के अनुसार ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण के भी यही हाल हैं।

संस्था की माँग है क़ि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को संज्ञान में लेते हुए इन तीनों प्राधिकरणों से संबंधित मंत्री, नौकरशाही ,जनप्रतिनिधियों व कर्मचारियों के विरुद्ध जवाबदेही तय की जाए व सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए।

संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मौलिक भारत अनुज अग्रवाल ने बताया कि मौलिक भारत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत शिकायत पत्र भेजा है

संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मौलिक भारत अनुज अग्रवाल ने बताया कि मौलिक भारत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत शिकायत पत्र भेजा है

अनिल गर्ग ने आरोप लगाया कि अपने भ्रष्टाचार को व्यवस्थित व अबाध रूप से चलाते रहने के लिए पूर्ववर्ती सरकारों ने जिला गौतमबुद्ध नगर में एक के स्थान पर तीन-तीन विकास प्राधिकरण नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण बना दिए थे। यह भारत का अकेला उदाहरण है। इससे जहाँ प्रशासनिक खर्च कई गुना बढ़ गए हैं वहीं नौकरशाही को अपनी मनमर्ज़ी करने व लूट मचाने की छूट भी मिल गयी है। ऐसे में जबकि दो करोड़ से अधिक आबादी के दिल्ली शहर तक में मात्र एक ही विकास प्राधिकरण है, गौत्तमबुद्ध नगर में तीन प्राधिकरण बनाने का कोई औचित्य नहीं।

संजय शर्मा ने बताया कि संस्था ने 20 अगस्त 2019 को महामहिम राष्ट्रपति जी को नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे वे प्राधिकरणों में चल रही व पूर्व की अनियमितताओं व अराजकता के संदर्भ में एक विस्तृत प्रतिवेदन/ शिकायत/ मांग पत्र सबूतों व दस्तावेजों के साथ भेजा था जिसे राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा नियमानुसार कार्यवाही के निर्देश के साथ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यालय को भेजा गया था एवं साथ ही विषय से संबन्धित उस कार्यवाही को हमारी संस्था को सूचित करने का आदेश दिया था। लेकिन दुखद है कि आज तक भी इस पर क्या कार्यवाही हुई कोई नहीं जानता और न ही हमारी संस्था को कोई सूचना दी गयी। इस आदेश पर त्वरित गति से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

पंकज सरावगी ने स्पष्ट किया कि संस्था के दबाब के कारण यूपी सरकार ने जिला गौतमबुद्ध नगर के नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे तीनों प्राधिकरणों का पिछले दस सालों के समस्त कार्यों का सीएजी ऑडिट कराने का आदेश दिया था। सीएजी द्वारा पूरी जांच कर अपनी रिपोर्ट यूपी सरकार के संबन्धित कार्यालय व संबंधित विभाग को सौंप दो थी। इस रिपोर्ट में मौलिक भारत की शिकायतों के अनुरूप बड़ी मात्रा में अनियमितताओं व हज़ारों करोड़ रुपयों के घोटाले का खुलासा हुआ था। इस रिपोर्ट के आधार पर यूपी सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी? न तो किसी दोषी को सजा मिली और न ही लूट की रक़म वापस आयी।

महेश सक्सेना ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था ने 24/1/2021 को भी नोएडा,ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरणों में चल रही गड़बड़ियों व घोटालों के संबंध में एक विस्तृत शिकायत पत्र यूपी सरकार भेजा था, इसके भी अधिकांश बिंदुओं पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी।

राजकुमार अग्रवाल ने आरोप लगाया कि नोएडा विगत वर्षों में तीव्र विकास के बीच फर्जी कंपनियों व कॉल सेंटर का केंद्र भी बनता जा रहा है। रोज़ सैकड़ों लोगों से धन उगाहने की खबरें समाचार पत्रों में छाई रहती हैं। इससे इस अति महत्व के जिले की छवि ख़राब हो रही है व इसके बड़े औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित होने व बड़े विदेशी निवेश के हब के रूप में विकसित होने में में रुकावट पैदा कर रहा हैं। बिना राजनीतिक, प्रशासनिक व पुलिस संरक्षण के यह संभव नहीं। इस ग़ैरक़ानूनी खेलों को रोकने के लिए विशेष प्रबंध करने की आवश्यकता है।

नीरज सक्सेना ने बताया कि जिला गौतमबुद्ध नगर में कोई भी नगर निगम नहीं है व पंचायतों की संख्या भी बहुत कम हो गई है। ऐसे में जनप्रतिनिधित्व के अभाव में जनता को नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस वे वे प्राधिकरणों की नौकरशाही की मनमानी व लूट का शिकार होना पड़ता है, यह लोकतंत्र की मूल भावना व संविधान के विरुद्ध है। कृपया इस दिशा में निर्णायक कदम उठाए जायें।

अनिल गर्ग ने माँग की कि कि पिछले बीस वर्षों में तीनों प्राधिकरणों द्वारा किए गए सभी आवंटनों पर निर्मित भवनों की एफएआर की विशेष जांच/ऑडिट हो व वास्तविक स्टांप ड्यूटी का निर्धारण हो व अदेय राशि वसूली जाए। साथ ही इन घोटाले के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को चिन्हित कर उनके ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्यवाही की जाए।

संजय शर्मा ने आरोप लगाया कि कोविड काल में तीनो प्राधिकरण आधी या इससे भी कम क्षमता में काम कर रहे थे, इसके बावजूद अपनी वार्षिक रिपोर्ट में हज़ारों करोड़ रुपयों का खर्च विभिन्न योजनाओं पर दिखा रहे हैं। यह मुमकिन नहीं व इसकी गहन जाँच आवश्यक है कि यह हजारों करोड़ रुपया गया कहाँ?

संस्था ने शिकायत की प्रति प्रति महामहिम राष्ट्रपति महोदय,भारत सरकार, प्रधानमंत्री, भारत सरकार, मुख्य न्यायाधीश, उच्चतम न्यायालय, शहरी विकास मंत्री, भारत सरकार व सीएजी भारत सरकार को भी भेजी हैं।

संस्था की ओर से प्रेस वार्ता में डॉ॰ अनिल वर्मा, पंकज गोयल, मनीष गुप्ता, सीमा रावत, ध्रुव अग्रवाल आदि ने भी भाग लिया।

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